उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ का मुख्यमंत्री जी ने वर्चुअल माध्यम से किया शुभारम्भ

 

कोविड-19 महमारी से अनाथ हुये बच्चों को प्रतिमाह दी जायेगी रूपये 4000 की आर्थिक सहायता,

 

जनपद के चिन्हित पात्र बच्चों को विधायक सदर एवं जिलाधिकारी ने दिया प्रमाण पत्र

 

प्रतापगढ़। वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण से अनाथ हुये एवं संक्रमण से प्रभावित हुये और संकटग्रस्त बच्चांं को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने के उद्देश्य से आज उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने लोक भवन लखनऊ में ‘‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ का शुभारम्भ वर्चुअल माध्यम से किया जिसका सजीव प्रसारण अफीम कोठी के सभागार में उपस्थित विधायक सदर राजकुमार पाल, जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रभास कुमार, अपना दल एस के राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्र प्रसाद पाल, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी रन बहादुर वर्मा, जिला सूचना अधिकारी विजय कुमार, क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्राचार्य शिव प्रकाश, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह सहित अन्य अधिकारियों एवं लाभार्थियों व जन सामान्य द्वारा देखा एवं सुना गया।

जनपद में ‘‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना अन्तर्गत चयनित बच्चों में से 32 बालक और 24 बालिकाएं है जिनमें 01 बच्चे ने अपने माता-पिता दोनो को खो दिया है, 50 पीड़ित बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है एवं 05 बच्चों ने अपने माता को खो दिया है। चिन्हित 56 बच्चों में से 19 बच्चों को प्रतीकात्मक स्वीकृति पत्र का वितरण विधायक सदर राजकुमार पाल, जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल द्वारा किया गया एवं अन्य अवशेष बच्चों के अभिभावक/परिजनों के बैंक खाते में धनराशि भेजी जायेगी।

इस अवसर पर विधायक सदर राजकुमार पाल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ जी द्वारा कोरोना महामारी संक्रमण निराश्रित हुये बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिये ‘‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ संचालित की गयी है। उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के माध्यम से जनपद के कोविड-19 से प्रभावित अनाथ बच्चो को सहायता उपलब्ध करायी जायेगी और उनका भरण पोषण किया जायेगा। मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में हमारा उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बन चुका है और प्रदेश के सम्पूर्ण विकास के लिये यशस्वी मुख्यमंत्री जी लगातार काम कर रहे है।

इस अवसर पर जिलाधिकारी डा0 नितिन बंसल ने कहा कि ‘‘उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’’ के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चे जिनके माता या पिता या दोनो की कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गई है उनके वैद्य संरक्षक के खाते में 4000 रूपये प्रतिमाह दिये जाने का प्रावधान है बशर्ते औपचारिक शिक्षा हेतु उसका पंजीयन किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय में कराया गया हो, 11 से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों की कक्षा 12 तक की निःशुल्क शिक्षा हेतु अटल आवासीय विद्यालय तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में प्रवेश कराया जायेगा तथा विद्यालय में 3 महीनें की अवकाश हेतु बच्चों की देखभाल हेतु 4000 रूपये की धनराशि बैंक खाते में हस्तांतरित की जायेगी। ऐसी बालिकाओं को जिनके अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से हुई है उनकी शादी हेतु रूपये 101000 की धनराशि दी जायेगी। ऐसे बच्चे जिनके अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 से हुई है कक्षा 9 या उसके ऊपर की कक्षाओं में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को टैबलेट लैपटाप की सुविधा प्रदान की जायेगी। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनो की मृत्यु हो गई है उनके वयस्क होने तक चल अचल सम्पत्ति की सुरक्षा हेतु जिला मजिस्ट्रेट  संरक्षक होगें तथा सम्पत्ति से सम्बन्धित कानूनी विवादों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सेवा उपलब्ध करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने जन सामान्य से अनुरोध किया है कि कोविड-19 के संक्रमण से अनाथ हुये एवं संक्रमण से प्रभावित हुये और संकटग्रस्त बच्चांं की सूचना उपलब्ध करायी जाये जिससे उन्हें योजना का लाभ दिया जा सके। कार्यक्रम का संचालन डा. मोहम्मद अनीस द्वारा किया गया।