*बक़रीद त्याग व बलिदान का पर्व है शहजाद अंसारी पत्रकार पिंडी*

 

पिंडी , देवरिया। इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार ईद- उल- अजहा यानी बकरीद,कुर्बानी अर्थात त्याग व बलिदान का पर्व है। बकरीद लोगों को सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है।ईद- उल -अजहा को हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हज़रत इब्राहीम अल्लाह के हुक्म पर अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए आगे बढ़े तो खुदा ने उनकी निष्ठा को देखते हुए इस्माइल की कुर्बानी को तुम्बे की कुर्बानी में परिवर्तित कर दिया। तभी से इस्लाम धर्म को मानने वाले अपने दिल अजीज पाल्य की कुर्बानी की परम्परा का निर्वाह करते चले आ रहे हैं। सभी इस्लाम के अनुयायियों को राष्ट्र व राष्ट्रीयता की अखंडता हेतु अपनी कुर्बानी दे कर प्रेम सौहार्द्र से इद- उल -अजहा यानी बकरीद के पर्व को मनाने की अपील करते हैं कि महामारी के दौर में कोरोना से आत्म रक्षार्थ-सर्व सुरक्षार्थ का ख्याल रख त्योहार मनायें। सभी देशवासियों की धार्मिक सौहार्द्र भावना निरन्तर पुष्पित पल्लवित होती रहे, और देश एक धार्मिक समन्वय का प्रतिबिम्ब विश्व पटल पर बिखेरता रहें।

*बक़रीद त्याग व बलिदान का पर्व है शहजाद अंसारी पत्रकार पिंडी*

पिंडी , देवरिया। इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण त्योहार ईद- उल- अजहा यानी बकरीद,कुर्बानी अर्थात त्याग व बलिदान का पर्व है। बकरीद लोगों को सच्चाई की राह में अपना सब कुछ कुर्बान कर देने का संदेश देती है।ईद- उल -अजहा को हज़रत इब्राहीम की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। हज़रत इब्राहीम अल्लाह के हुक्म पर अपनी वफादारी दिखाने के लिए अपने बेटे को कुर्बान करने के लिए आगे बढ़े तो खुदा ने उनकी निष्ठा को देखते हुए इस्माइल की कुर्बानी को तुम्बे की कुर्बानी में परिवर्तित कर दिया। तभी से इस्लाम धर्म को मानने वाले अपने दिल अजीज पाल्य की कुर्बानी की परम्परा का निर्वाह करते चले आ रहे हैं। सभी इस्लाम के अनुयायियों को राष्ट्र व राष्ट्रीयता की अखंडता हेतु अपनी कुर्बानी दे कर प्रेम सौहार्द्र से इद- उल -अजहा यानी बकरीद के पर्व को मनाने की अपील करते हैं कि महामारी के दौर में कोरोना से आत्म रक्षार्थ-सर्व सुरक्षार्थ का ख्याल रख त्योहार मनायें। सभी देशवासियों की धार्मिक सौहार्द्र भावना निरन्तर पुष्पित पल्लवित होती रहे, और देश एक धार्मिक समन्वय का प्रतिबिम्ब विश्व पटल पर बिखेरता रहें।