गोपालगंज: मिजोरम के आइजोल में शहीद हुए सीधवलिया के सुधांशु, कुछ दिनों पहले ही आए थे घर

गोपालगंजः मिजोरम के आइजोल में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से गोपालगंज का एक जवान शहीद हो गया. जिले के सिधवलिया थाना के पिपरा गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही चीख-पुकार मच गई. शहीद सुधांशु उर्फ बिट्टू सीआरपीएफ में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे. हालांकि जवान को कैसे लगी इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक सूचना परिजनों को नहीं मिली है.34 वर्षीय फौजी सुद्धांशु कुमार सिंह उर्फ बिट्टु अक्षयवर पिपरा के शशिन्द्र सिंह के बड़े पुत्र थे. वह पिछले दिनों छुट्टी पर गांव आए हुए थे. 16 जून को वापस ड्यूटी पर गए, जहां उन्हें 15 दिन क्वारंटाइन रहना पड़ा था. इसके बाद वे ड्यूटी पर चले गए. सीआरपीएफ जवान की मौत की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची, परिजनों में चीत्कार मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. ग्रामीणों की भीड़ शशिन्द्र सिंह के दरवाजे पर जमा होकर परिजनों को सांत्वना देने लगी। फौजी का शव घर पहुंचा।. जहां राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। छोटा भाई सौरभ 2006 में एयरफोर्स में गया था जबकि 2007 में सुधांशु ने सीआरपीएफ ज्वाइन किया था.

 

भाई ने दी घरवालों को मौत की सूचना

 

सुधांशु की मौत की सूचना उसके छोटे सौरभ कुमार सुमन ने घरवालों को दी. सुधांशु के माता-पिता सहित पूरा परिवार मीरगंज में रहता है जहां उनकी बाइक एजेंसी है. सुद्धांशु के जुड़वा बेटों की पढ़ाई-लिखाई भी वहीं होती है. सीआरपीएफ रेजिमेंट कमांडर द्वारा सुधांशु के भाई को मौत की सूचना दी गई. सौरभ ने अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को बड़े भाई की मौत की सूचना दी.

*गोपालगंज: मिजोरम के आइजोल में शहीद हुए सीधवलिया के सुधांशु, कुछ दिनों पहले ही आए थे घर*
गोपालगंजः मिजोरम के आइजोल में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से गोपालगंज का एक जवान शहीद हो गया. जिले के सिधवलिया थाना के पिपरा गांव में बेटे की मौत की खबर सुनते ही चीख-पुकार मच गई. शहीद सुधांशु उर्फ बिट्टू सीआरपीएफ में हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे. हालांकि जवान को कैसे लगी इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक सूचना परिजनों को नहीं मिली है.34 वर्षीय फौजी सुद्धांशु कुमार सिंह उर्फ बिट्टु अक्षयवर पिपरा के शशिन्द्र सिंह के बड़े पुत्र थे. वह पिछले दिनों छुट्टी पर गांव आए हुए थे. 16 जून को वापस ड्यूटी पर गए, जहां उन्हें 15 दिन क्वारंटाइन रहना पड़ा था. इसके बाद वे ड्यूटी पर चले गए. सीआरपीएफ जवान की मौत की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची, परिजनों में चीत्कार मच गया और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. ग्रामीणों की भीड़ शशिन्द्र सिंह के दरवाजे पर जमा होकर परिजनों को सांत्वना देने लगी। फौजी का शव घर पहुंचा।. जहां राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। छोटा भाई सौरभ 2006 में एयरफोर्स में गया था जबकि 2007 में सुधांशु ने सीआरपीएफ ज्वाइन किया था.

भाई ने दी घरवालों को मौत की सूचना

सुधांशु की मौत की सूचना उसके छोटे सौरभ कुमार सुमन ने घरवालों को दी. सुधांशु के माता-पिता सहित पूरा परिवार मीरगंज में रहता है जहां उनकी बाइक एजेंसी है. सुद्धांशु के जुड़वा बेटों की पढ़ाई-लिखाई भी वहीं होती है. सीआरपीएफ रेजिमेंट कमांडर द्वारा सुधांशु के भाई को मौत की सूचना दी गई. सौरभ ने अपने माता-पिता और अन्य परिजनों को बड़े भाई की मौत की सूचना दी.