Slug लकड़ी के बॉक्स में गंगा बहती मिली गंगा

 

एंकर खबर गाजीपुर से जहां  सदर कोतवाली इलाके के ददरी घाट के किनारे लकड़ी के बॉक्स में एक बच्ची के रोने की आवाज लोगों को सुनाई दिया तो लोग डर गए वहीं इसकी जानकारी जब घाट के किनारे रहने वाले एक मल्लाह परिवार को हुआ तो वह कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचा और लकड़ी के बॉक्स को जब खोला तब उसमें बच्ची को देखकर सब अवाक रह गए इतना ही नहीं उस बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था इसके साथ ही बच्ची के कुंडली भी उसमें रखा हुआ था जिसमें उसका नामकरण गंगा किया गया था।

21 दिन की बच्ची को गंगा ने दिया एक नया जीवन

 

गंगा जिसे मोक्षदायिनी और जीवनदायिनी भी कहा जाता है इसी गंगा में जहां पिछले दिनों लाशों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हुआ। लेकिन आज इसी गंगा ने एक 21 दिन की गंगा को एक नया जीवन देने का कार्य किया है। जो गंगा में एक लकड़ी के बॉक्स में देवी और देवताओं के सानिध्य में अपनी जन्म कुंडली के साथ बहती हुई गंगा घाट के किनारे रहने वाले मल्लाहओ के हाथ लगी। जिसे पाने के बाद मल्लाह परिवार इसे अपनाने के लिए जिला अधिकारी के यहां गुहार लगाए हैं तो वही जिलाधिकारी ने अगले 7 दिनों तक इंतजार करने की बात कही है।

 

बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था

 

गंगा नदी में लोगों के बहाने और फिर उन्हें जिंदा मिल जाने की कहानियां बहुत सुनी होगी । लेकिन गाजीपुर में 1 दिन पूर्व यह हकीकत में देखने को मिला जब सदर कोतवाली इलाके के ददरी घाट के किनारे लकड़ी के बॉक्स में एक बच्ची के रोने की आवाज लोगों को सुनाई दिया तो लोग डर गए वहीं इसकी जानकारी जब घाट के किनारे रहने वाले एक मल्लाह परिवार को हुआ तो वह कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचा और लकड़ी के बॉक्स को जब खोला तब उसमें बच्ची को देखकर सब अवाक रह गए इतना ही नहीं उस बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था।

 

जन्म कुंडली के साथ मिली गंगा में गंगा

 

इसके साथ ही बच्ची के कुंडली भी उसमें रखा हुआ था जिसमें उसका नामकरण गंगा किया गया था। मल्लाह परिवार के द्वारा उस बच्ची को पाए जाने के बाद उसे अपने घर लाया गया और उसे फिर नहला धुला कर अपने घर रखा गया तभी तेज बारिश होने लगी और कई घंटे बारिश होने के चलते इस परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दे पाया तब देर शाम सिविल ड्रेस में एक युवक और युवती उसके घर पहुंचे और बच्ची की मांग करने लगे तब इन लोगों ने देने से इनकार किया तब इसके बाद पुलिस भी पहुंची और इन लोगों ने बच्ची के साथ मिले हुए सभी सामान को लेकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सुपुर्द कर दिया इसके पश्चात इस परिवार ने बच्ची को पालने की लालसा से इन लोगों ने जिला अधिकारी को एक पत्र भी सौंपा जिस पर जिलाधिकारी ने इन लोगों से 1 सप्ताह बाद इस संबंध  में निर्णय लेने की बात कही जिसे इन लोगों ने मीडिया के सामने बताया।

 

बाईट -गुल्लू मल्लाह

मल्लाह की बहन सोनी

Slug लकड़ी के बॉक्स में गंगा बहती मिली गंगा

एंकर खबर गाजीपुर से जहां सदर कोतवाली इलाके के ददरी घाट के किनारे लकड़ी के बॉक्स में एक बच्ची के रोने की आवाज लोगों को सुनाई दिया तो लोग डर गए वहीं इसकी जानकारी जब घाट के किनारे रहने वाले एक मल्लाह परिवार को हुआ तो वह कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचा और लकड़ी के बॉक्स को जब खोला तब उसमें बच्ची को देखकर सब अवाक रह गए इतना ही नहीं उस बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था इसके साथ ही बच्ची के कुंडली भी उसमें रखा हुआ था जिसमें उसका नामकरण गंगा किया गया था।
21 दिन की बच्ची को गंगा ने दिया एक नया जीवन

गंगा जिसे मोक्षदायिनी और जीवनदायिनी भी कहा जाता है इसी गंगा में जहां पिछले दिनों लाशों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हुआ। लेकिन आज इसी गंगा ने एक 21 दिन की गंगा को एक नया जीवन देने का कार्य किया है। जो गंगा में एक लकड़ी के बॉक्स में देवी और देवताओं के सानिध्य में अपनी जन्म कुंडली के साथ बहती हुई गंगा घाट के किनारे रहने वाले मल्लाहओ के हाथ लगी। जिसे पाने के बाद मल्लाह परिवार इसे अपनाने के लिए जिला अधिकारी के यहां गुहार लगाए हैं तो वही जिलाधिकारी ने अगले 7 दिनों तक इंतजार करने की बात कही है।

बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था

गंगा नदी में लोगों के बहाने और फिर उन्हें जिंदा मिल जाने की कहानियां बहुत सुनी होगी । लेकिन गाजीपुर में 1 दिन पूर्व यह हकीकत में देखने को मिला जब सदर कोतवाली इलाके के ददरी घाट के किनारे लकड़ी के बॉक्स में एक बच्ची के रोने की आवाज लोगों को सुनाई दिया तो लोग डर गए वहीं इसकी जानकारी जब घाट के किनारे रहने वाले एक मल्लाह परिवार को हुआ तो वह कुछ लोगों के साथ वहां पहुंचा और लकड़ी के बॉक्स को जब खोला तब उसमें बच्ची को देखकर सब अवाक रह गए इतना ही नहीं उस बॉक्स में देवी दुर्गा और भगवान विष्णु का चित्र भी लगा हुआ था और बच्ची के कमर में चुंदरी बाधा हुआ था।

जन्म कुंडली के साथ मिली गंगा में गंगा

इसके साथ ही बच्ची के कुंडली भी उसमें रखा हुआ था जिसमें उसका नामकरण गंगा किया गया था। मल्लाह परिवार के द्वारा उस बच्ची को पाए जाने के बाद उसे अपने घर लाया गया और उसे फिर नहला धुला कर अपने घर रखा गया तभी तेज बारिश होने लगी और कई घंटे बारिश होने के चलते इस परिवार ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दे पाया तब देर शाम सिविल ड्रेस में एक युवक और युवती उसके घर पहुंचे और बच्ची की मांग करने लगे तब इन लोगों ने देने से इनकार किया तब इसके बाद पुलिस भी पहुंची और इन लोगों ने बच्ची के साथ मिले हुए सभी सामान को लेकर कोतवाली पहुंचे और पुलिस को सुपुर्द कर दिया इसके पश्चात इस परिवार ने बच्ची को पालने की लालसा से इन लोगों ने जिला अधिकारी को एक पत्र भी सौंपा जिस पर जिलाधिकारी ने इन लोगों से 1 सप्ताह बाद इस संबंध में निर्णय लेने की बात कही जिसे इन लोगों ने मीडिया के सामने बताया।

बाईट -गुल्लू मल्लाह
मल्लाह की बहन सोनी